भाई के मोटे लंड से बहन की गीली चूत में धक्के लगे।

Jan 3, 2026 - 11:28
Jan 6, 2026 - 19:23
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भाई के मोटे लंड से बहन की गीली चूत में धक्के लगे।

फ्लैट में रिया रहत ी,  उसके भाई रोहन   घर उम्र ईस की  ो, कॉलेज ी, गोरी चमड़ी, बदन पर ंदा़ा लग ्किल। उसकी जींस चु्त, ऊपर का कपड़ा ा, बदन  हर िस् पर नज़र ठहर ी। ोहन  ाँ साल बड़ा, लंबा, ी चौड़ी, शर ें ताकत उसक   ऐस   िखने में ामा नहीं लगत ा। ा-पि  गाँव में, शहर में बच अपन   ़े। शुरुआत में सब कु साान्य ा, िर एक ि बदला आया।

एक गर्म रात को बिजली चली गई। रिया सिर्फ पैंटी और ब्रा में सोफे पर लेटी हुई थी, उसका गोरा जिस्म पसीने से चमक रहा था, चूचे ऊपर-नीचे हो रहे थे। रोहन शॉर्ट्स में आया और उसे देखकर रुक गया, उसका लंड शॉर्ट्स में तनकर खड़ा हो गया। रिया ने उसकी नजरें पकड़ीं और शरारत भरे अंदाज में बोली, “क्या देख रहा है भाई?” रोहन हँसते हुए बोला, “तेरी चूत का उभार देख रहा हूँ रिया, जो लंड माँग रहा है।” रिया का चेहरा शर्म से लाल हो गया, लेकिन उसकी चूत अंदर से गीली हो चुकी थी, पानी टपकने लगा।

उस रात के बाद ों की चुपच ें शुरू हो गईं। टब  हर िकलकर रिया ान-जानकर टॉवल  रखती, मोटी जाँघें ांकतीं, मने का िस्  ़ देी। रोहन  नजरें चिपक रहतीं उसक ऊपर ीचे की हर  पर। एक बा नहा वक दरवाजे ें दरार रह गई िपकर तर आय ोहन,  सब  सा देख लिया –  ,   कण उसकी गुलाबी चूत पर ़क रहे थे, चूचे साबुन से चमक रहे थे। डरकर  पड़ी रिया - “भाई, बाहर ा!” आगे बढ़कर उसने उसकी चूत पर हाथ रख दिया, फुसफुसाते हु ा - “अब ूंा बहन।” रिया की सांस तेज, धडकन ऊपर,  हिलती नहीं ी।

बारिश  एक शाम ने सबक बदल दिा। माा-पिा ने फोन पर कहा कि वे दो हफ्ते ें ेंगे। रिया  पहन ें ोटी शॉर्ट्स ीं, ऊपर क्रॉप टॉप, और उसकी  िछवाड़ी  े झांक रही थी। रोहन अपने अंडरवियर में था, उसका ी लंड आसी से दिख रहा था। उसने रिया को पास ींा, सीधे ुं  ा - "आज तेरी चूत फाड़ दूंगा"। रिया लजाई, पर उसकी चूत से रस टपकने लगा, वो बोली, "भैया... ऐस नहीं करना चािए..." ि  उसक शर पूरी तरह तैयार था।

सोफे पर िया  ींचत  हन े उसका टॉप पकड़ा, झट से फाड़ दिया। बाहर आए  तन, ब्रा उतारकर फेंक  गई। मुँह में लि उसके नं तन, चमट गय ुँ िप्पल पर। जोर से चूा, ो रिया की सां थमी, "आह्ह... भाई,  े मेरे चूचे…ओह्ह ह्ह्ह" कहत  वह लडखड़ा गई। निप्पल पर दाँत पड़े, हल्का ा काटा। चूत से तर सड़क बहने लगी। शॉर्ट्स े उतारे, गीली पैंटी नाक तक  गया। ूंा गहराई से, ि बोला - “तेरी चूत की खुशबू कम है, बहन।”

अब रिया पूरी नंगी थी, उसकी गुलाबी चूत गीली चमक रही थी। रोहन ने अपना अंडरवियर उतारा, उसका 8 इंच का मोटा लंड लहराने लगा। रिया ने उसे देखकर डरते हुए बोली, “भाई ये तो मेरी चूत फाड़ देगा!” रोहन मुस्कुराया, “फटने के लिए ही तो है रिया।” उसने रिया की जाँघें चौड़ी कीं, लंड को चूत पर रगड़ा, रिया की चीख निकली, “डाल दे भाई, चोद मुझे, आह्ह इह्ह” रोहन ने एक जोरदार झटका मारा और पूरा लंड रिया की चूत में पेल दिया। रिया चीख उठी, “आअह्ह्ह मर गई भाई, ओह्ह ह्ह्ह्ह” लेकिन रोहन नहीं रुका, जोर-जोर से धक्के मारने लगा, चूत से फच-फच फच की आवाजें आने लगीं। वो रिया के चूचों को जोर से दबाता, गांड पर थप्पड़ मारता, रिया चिल्लाती, “और जोर से चोद भाई, आह ह ह ह ह्हीईई”

उस रात का िलसि ारी रहा। सोफे से ि ो उठाकर हन  उसे टेबल पर लिटा िया, पीछे से अपन ंड े से ांड ें ुसा दियa उसकी गांड डगमगा रही थी, चूत बार-बार  रही थी, वो आव ि रही थी - “ऊऊऊ ओह्ह्, भाई, इतनी ते दने से लग रहा है अचा, आआआ” रोहन  कहा, “अभी तेरी चूत का हर एक ़ा सू एगा बहन।” रिया चि, “ूख ाने दे भाई, मुझे  रगडकर  े, ऐइय

अचनक रोहन ने रिया को पल पर धकेल दिया। उसक ांें कंधे पर िक गईं, िर    तर सन लगा, इतन गहरा कि आँखों से आंसू छलक पड़े। ुं ें जीभ कर चाटन लगा, ोंों को चूसत रहा। गर्म और तरबतर तड ें लंड -जा रहा था, िसटत । रिया चीी, “… तेरे लंड ने मेरी चुतड ा दी, ओह्ह्ह्ह आऊ”

रातभर जमकर  । रोहन ने रिया को पट कर िया, उसकी गांड में उंगली डालकर मसलने लगा। रिया की आवाजें ी हो गईं, "अबे भाई इधर भी ा दे" – ऐस लत     उठी। रो ने अपना लंड उसकी गांड पर िा, फिर झट े चूत में धपा दिया, जोरदार धक्के लग  ें उसका गाढ़ा ी रिया की चूत में छलक गया, रिया भी ेजी से ऑर पर पहुं गई। दोनों  पसीने ें नह, सांसें तेजी  चल रही थीं।

सुबह उठत ी रिया रोहन के  पर पड़ी ी, बि नंगी। उसकी चूत लाल धबों से भर ी, ी हुई, पण  पर एक   थी। रोहन ने उसकी िछवाड़ी पर  ा, आहट भर आव ें बोला, "अब  ेरी ै, तेरी चूत सिर्फ मेरे ि।" रिया ने उसके लंड को  लिया, दबा ा, "ये मोटा लंड अब मेरा ै, बस ा।" उनें पता था - इसक े गलती िी है, ि भी शरीर ऐस करन  मजब कर रहा था।

अगली बह रिया ने एक और ा टाइट कपड़ा पहना। रोहन का लंड फिर  ऊपर उठ गया। िचन ें उसने रिया को पकड़ िा। स्कर्ट ऊपर ींची, ि ूत में दो उंगलियाँ ा दीं। रिया े सां भरकर कहा – "आह्ह भाई, फिर े चोदन  ो क्या?" े- आव बदल गई। रोहन ने उसे टेबल पर झुका िया। अब चूत पर जीभ रन लगा। अंदर तक  डाी, ि रस सने लगा। रिया की टांगें कांपन लगीं। बस इतन कह पा – "ओह... भाई... तेरी जीभ   कर रही है..."

चलत रहा दोनों का े सिलसिला। एक  ो रोहन  गया रिया को छत पर, वहीं बारिश में भीगते हुए चढ़ा  कर ी। लं समय तक रिया की आवें े में टकरी रहीं। उसन अपन ों ें लप िया रोहन का लंड,  तक ींा, गले में लते हु धम्म की आवाज   माल िगल लिया। अब  सब आदत बन चुका था, हर रात ा तेज ोता  रह ा।

समय  ि माा-पिता आन  े, पर रिया और रोहन का  ारी रहा। दिन  उजे में भी  पकर मौके बन े। एक बार रिया नहा रही थी, तभी रोहन लय ें घुस आया, फवे के नीचे उस धकलकर चोदन लगा, पानी े सा   उठन लगा। रिया  ुँ  िकला - “ओए, तू ी मेरा सब कु है, ऐसे ही चलत रहे,”

 में जब माा-पि पस  गए, रिया और रोहन ने अपना हरकत छुपा लिा। ि भी दृि आपस ें जु़ी रहती, ैसे  बच ो। रात ढलत  सबक ीं ें  जा पर, रोहन े से रिया के कक में  जाता, उसकी चूत ें ोंक लगकर तन कम करता। इस आग  खत  कहीं  था, ऐस लगत ा।

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