छोटे भाई की साली की गॉव में सील तोड़ी

Antarvasna

Jan 8, 2026 - 11:53
Jan 8, 2026 - 16:51
 0  5
छोटे भाई की साली की गॉव में सील तोड़ी

अरे भाई, मैं बटेश्वर हूँ। पिछले पांच महीने से कहानियाँ पढ़ रहा हूँ, ऐसी जो दिमाग घुमा दें। हर पढ़ी कहानी ने अंदर तक झकझोर दिया। कई बार इतना मज़ा आया कि पेट दुखने लगा हँस-हँसकर। 39 साल की उम्र में भी शरीर तंदुरुस्त है, धमाल भरा अंदाज़ है। लंबाई 6.5 इंच, मोटाई 3.1 इंच - आकार से कभी शिकायत नहीं मिली। पहली बार साली के साथ तो ऐसा लगा जैसे ज़िंदगी का फीवर चढ़ गया हो। ये कहानी adult story में डाल रहा हूँ।.
उसकी खिली-खिली हालत कमल के फूल जैसी थी। ओठों में झलक रही थी मीठास, ऐसे में दोस्तों, सुनो - मैं बिहार का रहने वाला हूँ। कुछ सालों से नौकरी के चलते जोधपुर में रह रहा था। दिसंबर का मौसम था, पूरे एक साल बाद घर जा रहा था, एक महीने के लिए अकेले बिहार। घर पर माँ, पिता, छोटा भाई और उसकी पत्नी रहती थी। उसके होंठों का रस धीरे-धीरे बहता गया। दोस्तों, वो उस पल बेकाबू थी, जैसे कुछ करने को तड़प रही थी।.
उसके साथ बैठकर चलते हुए रास्ते में कई बातें याद आने लगीं। छोटे भाई का काम शहर के बाहर है, बहुत धीरे-धीरे पहुँचे वहाँ। वो अपनी बाइक लेकर आया, मैं पीछे बैठ गया बिना कुछ कहे। जगह खुली थी, हवा ठंडी, बाज़ार में लोग इधर-उधर जा रहे थे। उसके ऊपर ऐसा कुछ था जो मन को झपकी देता रहा। काम के बाद हम चुपचाप लौटे, बातें कम हुई थीं।.
फैसला हो गया था, दम तोड़ना था। पहुँचे तो दिनभर साथ रहकर बातें हुईं। काम आगे बढ़ाने के लिए बाज़ा में घूमते रहे। वहीं एक 12 साल के लड़के से मुलाकात हुई। वो मेरे छोटे भाई के ससुरालवालों का था। रिश्ते में साला लगता था। उसने देखते ही कहा – जीजाजी, आप यहाँ नहीं चलेंगे? सब याद कर रहे, बुला रहे। पर जाना ज़रूरी था।.


From Behind Porn Gifs, From Behind Sex Gifs, Pics & Captions

चुदाई के लिए मन बेचैन था। भाई ने कहा, फोन पर बात करके देखते हैं। शाम के वक्त चार बजे लगभग साले का फोन आया। उसने कहा, भैया को भी साथ ले आओ। वही बात भाभी की माँ ने भी कही। मन में बस एक ही ख्याल था - पूरा मज़ा लेना।.
खुशबू बूर की मेरे दिमाग में घुल रही थी, पागल कर देने वाली। उसने कहा, ठीक है, हम शाम को फ्री हो जाएंगे। दोनों भाई। शाम ढलते ही चल दिए, ससुराल की ओर। मेरे साथ। वो घर, जहाँ मैं सिर्फ एक बार गया था। शादी के बाद। दो साल पहले की बात। अब ये दूसरी बार थी। दिमाग में कुछ नहीं, सिर्फ वो बात। चुदाई के ख्याल। दिनभर। रातभर।.
आँखों में उसके जोश का रंग था। करीब आठ बजे रात के, हम ससुराल पहुँचे। सभी के चेहरे खिल उठे, जैसे ही हम दोनों भाइयों को देखा। मिलन-जुलन के बाद, भोजन के लिए दोनों को प्यार से बुलाया गया। खाना चल रहा था तभी, सामने छोटे भाई की साली बैठी, पैर थोड़े फैलाकर। मेरा लंड उसकी चूत में घुसे बिना नहीं रहा।.
उसकी चुत का सील टूट गया। वो बहुत सुंदर लग रही थी, गोरी त्वचा, बूब्स कपड़ों से बाहर झांक रहे थे। मैं उसे दो साल बाद करीब से देख रहा था। धड़कनों में एक अजीब सी टीस उठ रही थी। पहले वो छोटी थी, शरीर पूरा नहीं खिंचा था। अब वो बिलकुल अलग लग रही थी, जैसे किसी ने चढ़ा दिया हो। उसका शरीर ऐसा था कि किसी के भी लंड से पानी निकाल सकता था। बड़े-बड़े गोरे बूब्स, गांड मख्मल जैसी चिकनी। गाल भरे हुए, तनाव में खिंचे। मैं कुछ नहीं कर सकता था, सिर्फ खाना खाते हुए देखता रहा। पहली बार चुदाई में सील टूटे तो दर्द तो होता है।.
खाना खा रहे थे, तभी एक लड़की आई। उम्र करीब 20-21 साल होगी। सबसे पहले उसने हमें झुककर अभिवादन किया। फिर चली गई मेरे छोटे भाई के साले के पास बैठने। मैं उसे नहीं जानता था। पर जैसे ही मैंने देखा, ठिठक गया। ऐसा लगा, जैसे दृष्टि अटक गई हो। क्या ढंग की थी वो? कैसे लग रही थी, समझ नहीं आया।.
उसकी चुत रसीली थी, दोस्तों। मज़ा आ गया। लंबे-लंबे काले बाल थे इधर-उधर फैले। बूब्स भरे हुए दिखे। बातें हो रही थीं, तभी वो हम दोनों के साथ ढेर सारी हंसी-ठिठोली करने लगी। बाद में पता चला - वो बबिता है, मेरे छोटे भाई की साली। बात-बात पर उसने मेरी जाँघ पर हाथ रख दिया, धीरे से छुआ। क्या सोच रही थी, उसके दिल में क्या चल रहा था, ये मुझे नहीं समझ आया। लड़कियों की चुत में मौज अलग होती है, दोस्तों।.
मेरा लंड तनाव में था, दोस्त। पहले से ही उसकी ओर आकर्षण था, जिसने मन को गरमा दिया था। अब उसके चेहरे पर खिली मुस्कान ने सब कुछ समझा दिया। हौसला बढ़ा, कदम आगे बढ़े। फिर उसके हाथ का स्पर्श हुआ, और धीरे-धीरे मेरा लंड सीधा होने लगा। आकार बदल रहा था वो। मन को ठंडा करके मैंने खाना खाया। फिर उठकर बाहर आ गया। कुछ देर बाद बबिता भी पीछे-पीछे आई। हम दोनों हंसने लगे, मजाक उड़ाने लगे। रात के लगभग दस बज चुके थे। छोटा भाई खाकर कमरे में सो गया। ससुर ने बबिता के कमरे में सोने का इंतजाम किया था। मेरा लंड चुत में घुसने को तैयार था।.

दोस्तों, चुची चूसने में क्या बात है। गाँव में रात के दस बजे को बहुत लेट मानते हैं। इसलिए घर वाले पहले ही सो चुके थे। मैं भी आखिरकार बबिता के कमरे में जा पड़ा। वो कमरा उसके पढ़ाई वाले कमरे के पीछे, सड़क के किनारे था। वहीं बबिता के मामा का लड़का भी लेटा हुआ था। वही लड़का जिसे हम दिन में बाजार में भेंट चुके थे। मैं धीरे-धीरे उसकी चूची पी रहा था।.
मेरा लंड ताबड़तोड़ चुदाई के लिए तैयार में लेटा हुआ था कि कुछ देर बाद बबिता हमारे कमरे में आई और वो मुझसे हंसकर बोली कि जीजाजी अगर आप लोगों को किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो तो आप मुझे जरुर बता देना. दोस्तों मुझसे यह बात कहते हुए वो मेरे भाई के पलंग पर बैठ गई, लेकिन वो उस समय बहुत गहरी नींद में था इसलिए मैंने अपने भाई की साली से कहा कि में तुम्हे इतनी दूर से क्या कहूँ थोड़ा सा तुम मेरे पास आ जाओ तो में तुम्हे अपनी ज़रूरत बताऊँ. दोस्तों मेरे मुहं से वो बात सुनकर अब वो उठकर तुरंत मेरे वाले पलंग पर बैठकर मुझसे बातें करने लगी. फिर मैंने उससे कहा कि तुम खाना खाते समय मेरी जाँघ पर क्यों हाथ मार रही थी? तब उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि वो तो में आपसे ऐसे ही बस थोड़ा सा मज़ाक कर रही थी और मेरे उसको बहुत बार कहने पर वो मेरे पलंग पर मेरे थोड़ा पास सरककर बैठ गयी. अब वो समय आ गया जब मुझे उसकी चुदाई करनी थी.
दोस्तों, वो ऐसी लग रही थी जैसे शराब का घूँट हो। मन में ख्याल आया, अब तो पी लूँ। मेरा लंड धड़कने लगा। जैसे ही मैंने उसे अपने से चिपके देखा, समझ गया - ये लड़की मुझसे चुदाई जरूर करवाएगी। इस ख्याल से मन खुश हो गया। फिर बात-बात में उसका हाथ पकड़कर खींच लिया। दोनों स्तनों को जोर से दबा दिया। वो तुरंत सिसकने लगी। अब उसे चुदाई का आनंद मिल रहा था, दोस्तों।.
अब समझ आया कि ये सब कितना अलग लगता है। थोड़ी देर बाद वो मुस्कुराते हुए बोली, मैं तुम्हारे लिए एक और रज़ाई लेकर आऊँगी, फिर झेंपते हुए जल्दी से वहाँ से चली गई। मन में सोचा था कि शायद वो वापस न आए, पर कुछ समय बाद वो लौट आई - ऐसा कुछ जिसकी उम्मीद न थी, साथ में रज़ाई लिए हुए, जो उसने मेरे ऊपर फेंक दी। मैंने उसे पकड़कर पलंग पर बिछाया, ओढ़कर लेट गया, तभी वो बोली - यहाँ नहीं, चलो मेरे कमरे में। इस तरह हम दोनों घंटों तक खुलकर ऐसा करते रहे, बस इतना हुआ।.
उसकी बात सुनते ही मेरा लंड ऊपर को उठ गया। दोस्त, अगर सच बोलूँ, तो मुझे वो बात इतनी अच्छी लगी कि दिमाग में ख्याल आया - आज मिल जाएगी एक ऐसी लड़की जिसकी चूत अभी तक किसी ने नहीं छुआ। फिर मैं धीरे से मुस्कुराया, उठ खड़ा हुआ और बिना देर किए उसके पीछे-पीछे उसके बेडरूम में घुस गया। मेरा लंड तना हुआ था, झटपट उठा हुआ, और अब बस एक तंदुरुस्त चूत का इंतजार था।.
उसकी छाती पर नज़र पड़ते ही दिल धड़क उठा। फिर मैंने झपट्टा मारा, ऊपर चढ़ गया। उसके स्तन दबाए, निपल को हथेली से घसीटा। बीच में वो बोली - दरवाज़ा बंद कर लूँ पहले। मैं ठिठक गया। वो हटी, बंद किया दरवाज़ा, लौटी। मैंने फिर खींच लिया अपने पास। मुँह मुँह में डाला मुँह, चूमा जोर से। वो बिलखने लगी, आहें भरने लगी। अब मैंने जोश में दोनों स्तन दबाए, घूमाए। साथ ही, धीरे-धीरे, कपड़े उतारे सबके सब। फिर मैं भी नंगा हो गया। उसकी छाती का उभार देखकर मन मचल उठा।.
उसके स्तन देखकर मन बेचैन हो उठा। वो नंगे शरीर को देख झेंप गई, सिर छाती पर टिका लिया। मैंने उसके स्तनों पर ज़ोर से हाथ चलाना शुरू कर दिया। हर जगह उसकी गोरी-चमड़ी पर मुँह फेरने लगा। ऐसे में वो उत्तेजित होकर बिलकुल बेहोश-सी हो गई। मेरा लिंग पूरी तरह भड़क चुका था, गर्मी से तप रहा था। उसके हाथ में वो डाल दिया। नरम उंगलियों से छूते ही वो कांप उठी। उसके स्तन चूसने का मन जोरों पर आ गया।.
क्या उसके स्तन मुलायम थे दोस्तों, फिर वो बोली, मेरे पिता मेरी शादी नहीं कर रहे। मैं तो बहुत दिनों से इन सब के लिए बेकरार हूँ। पर आज तक कोई अच्छा अवसर नहीं मिला। अब जब मौका मिल गया है, मैं पूरा आनंद लूंगी। तुम्हारे साथ घनघोर रूप से प्रेम करूंगी। उसकी बातें सुनकर मैं खुश हो गया। मैंने उसे चूमा, धीरे से अपनी उंगली उसके योनि में डाल दी। वो तुरंत सिसक उठी, आआह… ओह्ह… उसके स्तन क्या कठोर थे भाइयों।.

उसकी चूची पीते पीते तनकर लाल हो गयी में करीब 15 मिनट तक उसके बूब्स को दबाता और उसकी चूत में अपनी ऊँगली को अंदर बाहर करता रहा. फिर उसके बाद में नीचे झुककर उसकी कामुक चूत को चाटने लगा जिसकी वजह से वो मस्त हो गई और वो अब जोश में आकर ना जाने क्या क्या बोलने लगी. वो बोली कि जीजाजी थोड़ा सा प्यार से चोदना क्योंकि यह मेरी पहली चुदाई है और मुझे बहुत दर्द होगा. आप मज़े के साथ साथ मेरे दर्द का भी ध्यान रखना. फिर मैंने उसको अब बेड पर सीधा लेटा दिया और में अपना लंड उसके मुँह में डालने लगा. वो मुझसे ऐसा करने के लिए मना करती रही, लेकिन में फिर भी नहीं माना और मैंने अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया. उसकी चुत का टेस्ट नमकीन और मादक था मित्रों बस चाटा जाओ.
उसकी सांसें तेज हो गई थीं, दोस्तों। हाँ… हाँ… हाँ… फिर वो मेरे लंड को मुँह में ले बैठी, चूसने लगी। मैंने उसकी चूत में उंगली डाल दी, आगे-पीछे करने लगा। इसी बीच वो झटके खाने लगी, छटपटाहट में आवाजें निकल रही थीं - आअहह, ऊऊऊऊ, जीजा जी, अब रोको मत, मुझे चोद डालो। मुझे और न टालो, अपना लंड घुसा दो, ये जलन बुझा दो। आओ ओ ओ। मैं ऐसी लड़की हूँ जो हमेशा चढ़ना चाहती है। चाहत हमेशा तेज रहती है, दोस्तों।.
मुझे चुदाई केबारे सोचकर मै मदहोश हो जाती हु फिर मैंने उसको सीधा लेटाकर में अब उसके ऊपर आ गया और उसके दोनों पैरों को फैलाकर अपना 6 इंच के लंड का टोपा मैंने उसकी चूत के मुहं पर रखकर में रगड़ने लगा जिसकी वजह से वो आआअहह ऊउईईईइ जीजाजी करने लगी और कुछ देर रगड़ने के बाद मैंने अपना थूक अपने लंड पर लगाकर अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखकर मैंने एक ज़ोर का झटका दे दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी चूत में थोड़ा सा अंदर चला गया और वो दर्द से करहा उठी मचलने लगी और अब में बिल्कुल शांत होकर उसके बूब्स को दबाने सहलाने लगा और उसको किस करने लगा. मेरी चुत हमेशा लैंड की प्यासी रहती है मित्रों.

दोस्तों, मुझे हमेशा मोटे लंड की तलब रहती है। थोड़ी देर बाद मैंने एक तेज झटका दिया। वो चीखते हुए मेरे सीने से लिपट गई। फिर मैंने धक्के देना शुरू कर दिया। अब पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। मैं लगातार 15 मिनट तक उसे चोदता रहा। वो भी अपनी गांड ऊपर उठाकर चूत में धक्का लेने लगी। इतने वक्त में वो तीन बार झड़ चुकी थी। बड़े लंड से चुदाई का अलग ही मजा है।
दोस्तों, मोटे लंड से चढ़ाई का अनुभव कुछ खास होता है। मैं भी उसी घड़ी उतारने वाला था। फिर मैंने उससे पूछ ही लिया - अब वीर्य कहाँ छोड़ूँ? उसने कहा, मेरी चूची में न डालना, वरना मैं प्रेग्नेंट हो जाऊँगी। बाहर ही छोड़ दो। मैंने तुरंत लंड बाहर खींचा, मुंह में ठूस दिया। वो उसे लौलीपॉप-सा चूसने लगी। कई बार मैंने ऐसे ही चूत में मारा है।.
दोस्तों, मुझे ऐसा करना पसंद है। एक बार की बात है, वो मुझे समझते हुए धीरे-धीरे आगे-पीछे हो रही थी। उसकी जीभ मेरे ऊपर घूम रही थी, फिर अचानक मैं खत्म हो गया। उसने सब कुछ मुँह में लिया, फिर बाहर निकाल दिया। वो रात छोटे अंतराल में चार बार ऐसे ही बीती।

Fucking her big ass from behind - porn gifs - porngifs4u.com

सुबह करीब 5:30 तक हम दोनों इसी में लीन रहे। कई बार ऐसा लगा, जैसे रुकने का नाम नहीं ले रहा। दोस्तों, मुझे ऐसे पल पसंद हैं। .

कई बार दोस्त के साथ ऐसा हुआ, मोटे लड़के की गांड देखकर मजा आ गया। ध्यान से देखा तो उसकी चूत पूरी तरह फूल चुकी थी, मानो पाव रोटी जैसी हो गई हो। वहाँ से उठकर अपने कमरे में चला गया, फिर सो गया। सुबह दोनों भाई उठे, चाय-नाश्ता किया, फिर काम पर चले गए। कुछ दिन भाई के पास ठहरा, फिर जोधपुर वापस आ गया। प्यारे दोस्त, कई बार ऐसे मजे लिए, चोदने का दौर इतना बढ़ा कि साड़ी की सीमा पार हो गई। .
मेरा लंड तेज था, किसी ढीली चुत की तलाश में। एक दिन उसने फोन कियa, कहा – तुम इतने दूर हट गए कि मेरा बुरा हाल है, अब तुम्हारे बिना। कब आओगे? मैंने कहा, जैसे ही समय मिलेगा, जरूर आऊंगा। फरवरी में उसकी शादी हो गई। फिर कभी उसकी चुदाई का मौका नहीं मिला। पर खुशी थी, पहली बार उसकी चूत की मोहर तोड़कर मैंने अपना निशान छोड़ दिया था। वो अहसास ऐसा था, आज भी याद आता है।.
उसकी छाती देखकर मन मचल उठा था दोस्त। अब उसके पास एक ऐसा आदमी है जो रोज़ उसे चाहत से भरकर रखता है, वो उसके साथ बिना झगड़े के ज़िंदगी जी रही है। पति उसकी इच्छा पर हमेशा ध्यान देता है, जब भी वो चाहे उसे संतुष्टि मिल जाती है। फोन पर वो हर बात मुझे सुनाती है, कुछ भी छुपाती नहीं। उसके सीने देखकर मन बेकाबू हो गया था यार। मैंने इतनी औरतों के साथ ऐसा किया है कि कहना मुश्किल है - कई की चुतड़ी बर्बाद कर दी, कई की कुंवारी उम्र में बच्चा हो गया, कई का खून निकाल दिया। अब जब भी वो गाँव आती है तो कहती है - जीजा जी, आपने मेरी सील तोड़ दी थी।.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0