भाई ने तब बहन के साथ संबंध बनाया जब दोनों यूट्यूब के लिए वीडियो और शॉर्ट्स बना रहे थे।
मेरा नाम रिया है, उम्र 22 साल, गोरी, लंबे काले बाल, और फिगर 34-28-36, जो मुझे कॉलेज में सबकी नजरों का केंद्र बनाता था। मेरा छोटा भाई राहुल, 20 साल का, दुबला-पतला लेकिन चेहरा ठीक-ठाक, हमेशा अपने मोबाइल में यूट्यूब और भोजपुरी फिल्मों में खोया रहता था। हम दोनों दिल्ली के एक मिडिल-क्लास घर में रहते हैं, जहां मम्मी-पापा ज्यादातर अपने काम में बिजी रहते हैं। राहुल को वीडियो बनाने का शौक था, और मैं? मुझे बस फेमस होने का जुनून। पहले टिकटॉक पर मेरे हजारों फॉलोअर्स थे, लेकिन जब से वो बंद हुआ, मेरी दुनिया जैसे थम सी गई। अब यूट्यूब शॉर्ट्स का जमाना था, और मैंने सोचा, क्यों न इसमें अपनी किस्मत आजमाऊं?
मैंने राहुल के साथ मिलकर यूट्यूब शॉर्ट्स बनाना शुरू किया। वो कैमरा संभालता, रोशनी ठीक करता, कभी-कभी अभिनय भी कर लेता। उसके दिमाग में भोजपुरी सिनेमा के दृश्य घूमते - हर पल में नाच, ढ़ोल, और शरीर की प्रदर्शनी। मुझे उसकी बातें सुनकर हंसी आती, पर एक कोने में यह भी बसा था कि ऐसा कंटेंट जल्दी फैलता है। एक दिन माँ-बाप नाना के घर शादी में चले गए। घर में सिर्फ मैं और राहुल रह गए। सुबह से वो ऊर्जा से झूम रहा था, बोला - “आज ऐसा वीडियो बनाएंगे कि लोग चौंक जाएंगे!” उसकी खुशी ने मेरे अंदर भी जान डाल दी। फिर बोला - “ऊपर के कमरे में चलो, वहां रोशनी सही लगती है।”
ऊपर पहुँचते देर नहीं लगी। मोबाइल स्टैंड संभालकर राहुल बोला, "ये शॉट धमाकेदार बनेगा, दीदी। तुम्हें भोजपुरी एक्ट्रेस वाली पोज में आना होगा।" मैं हंस पड़ी, फिर बोली, "ठीक है, पर क्या करना है समझा दे।" उसने समझाया - मैं डरकर उसके पास झुक जाऊँगी, मानो अंधेरे में कुछ डरावना घट रहा हो। मैंने कहा, "ओके, लेकिन ज्यादा शरारत नहीं चलेगी।" वह आंख मारकर बोला, "घबरा मत, मैं ही तो डायरेक्टर हूँ!"
पहले टेक में मैंने अपनी टाइट टी-शर्ट और जींस में पोज दिए, लेकिन राहुल को पसंद नहीं आए। वो बोला, “दीदी, ये क्या? सीन में जान नहीं आ रही! कपड़े चेंज करो, कुछ बोल्ड चाहिए।” मैंने पूछा, “क्या मतलब बोल्ड?” उसने बिना झिझक कहा, “ब्रा में सीन करो, बस पीठ दिखेगी। लोग पागल हो जाएंगे!” मैं चौंक गई, “पागल हो गया है? ब्रा में? वो भी तू शूट करेगा?” वो हंसा, “अरे, दीदी, ये तो एक्टिंग है! पीठ का सीन लूंगा, कुछ नहीं दिखेगा।” मेरे दिमाग में घंटियां बजीं, लेकिन फेमस होने का भूत ऐसा था कि मैं मान गई।
कमरे में जाकर मैंने टी-शर्ट उतार दी, अब सिर्फ काली ब्रा पहने थी। शर्म से गाल लाल हो गए, इसलिए तौलिया लपेट लिया। राहुल ने देखा, चिल्लाया – "अरे ये क्या, दीदी? तौलिया हटाओ, सीन बिगड़ जाएगा!" मैंने धीरे से कहा, "राहुल, ऐसा करना ठीक नहीं लग रहा।" वो पास आ गया, आंखों में कुछ अजीब चमक थी। बोला, "हीरोइन बनना है तो शर्म छोड़ो। भोजपुरी फिल्मों में लोग कैसे खुले में कपड़े उतारते हैं, देखा?" मैं खामोश रही। उसने तौलिया खींच लिया। सांस अटक गई। वो सामने खड़ा था, मेरी छाती को देखकर बोला, "वाह, क्या बॉडी है दीदी! ये वीडियो जरूर वायरल होगा!"
मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। वो मेरे गाल को छूते हुए बोला, “क्या हॉट लग रही हो! अब सेक्सी पोज दो।” मैंने झिझकते हुए घुटनों के बल बैठकर, चूतड़ ऊपर उठाए, हाथ आगे करके पोज दिया। मेरी चूचियां ब्रा में लटक रही थीं, और राहुल की आंखें उन पर टिकी थीं। वो बोला, “वाह, दीदी, क्या बूब्स हैं! ऐसा सीन तो यूट्यूब पर किसी ने नहीं डाला!” मैं शर्म से पानी-पानी हो रही थी, लेकिन कहीं न कहीं उसकी तारीफ सुनकर अजीब सा जोश भी आ रहा था। फिर उसने बिना रुके कहा, “ब्रा भी खोल दो, बस हथेली से ढक लेना। पूनम पांडे स्टाइल!” मैंने गुस्से में कहा, “पागल हो गया है?” लेकिन वो नहीं माना। बोला, “दीदी, फेमस होना है तो ये सब करना पड़ेगा। नहीं तो सोमवार के व्रत का वीडियो बनाओ, कोई नहीं देखेगा!”
पीछे हट गई तो क्या पता, आगे बढ़ पाना मुश्किल हो जाए। फिर हुक खोल दी, हथेलियों से चूचियों को ढक लिया। सांसें तेज होने लगीं राहुल की। “वाह, दीदी,” उसकी आवाज़ आई, “अब बात बनी! अब एक हॉट सीन दो।” उसने कहा, “मैं देखता हूं तुम कितनी अच्छी एक्टर हो।” स्कर्ट उतारने से इनकार कर दिया, पैंटी भी नहीं उतारी। इधर वो बोला, “अरे, बस पोज दे। वीडियो बाद में बनाएंगे।” खड़ी थी, सिर्फ हथेलियों से छाती ढके। आया पास, सांसें चेहरे पर महसूस हुईं। “एक लिप किस सीन कर लेते हैं,” उसकी आवाज़ धीमी। बस इतना कहा, “एक्टिंग!” चुप रही मैं। कुछ कहने को नहीं था। बाल पकड़ लिए उसने, होंठ मेरे होंठों पर रख दिए।
मैं रुक गई, फिर भी उसका चुंबन इतना तेज था कि रुक न पाई। मैंने भी उसके होठों को छुआ, धीरे-धीरे। हमारी जीभें आपस में घुल गईं। उसके हाथ मेरे स्तनों पर घूमने लगे, फिर नीचे चढ़ गए। मैं डूब सी गई थी। "राहुल... ऐसा नहीं करना," मैं बोली, आवाज लगभग टूटी हुई, पर दिल नहीं माना। उसने कहा, "दीदी, ये सब अभिनय है... बस अनुभव करो।" उसने कपड़े उतार दिए। उसका 6 इंच का लिंग ऊपर उठा हुआ था, मेरी नजर वहीं अटक गई। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि अपने भाई को इस तरह देखूंगी।
उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया। सांस तेज चल रही थी, शरीर गर्मी से झोंके मार रहा था। पैर फैलाकर वो मेरी चूत की ओर घूरने लगा, आवाज में खुशी थी - “अच्छी चूत है, दीदी!” ऐसे शब्द सुनते ही शर्म धीरे-धीरे गायब होने लगी। उसकी जीभ ने चूत को छू लिया, फिर चाटना शुरू कर दिया, धीमे रफ्तार से। “आह्ह… राहुल… उफ्फ…” इन आवाज़ों ने जगह भर दी। जीभ हर कोने में घूम रही थी, मेरा दिमाग भ्रमित हो गया। एक उंगली चूत में घुसी, अंदर-बाहर होने लगी। “ओह्ह… राहुल… और करो…” मैं खुद पर काबू खो बैठी। उसने गांड पर भी जीभ फेरी, और कमरे में सिसकारियां गूंजने लगी। “आह्ह… उह्ह… तेज चला ना…”
उसने अपनी लंबी चीज़ मेरी चूत के ऊपर समाया। "दीदी, तैयार?" उसके स्वर में काँपती उमंग थी। मैंने बस सिर हिला दिया। धीमे धक्के से घुसा उसने। "आह... उफ..." मेरे मुंह से निकल पड़ा। छेदता हुआ भरता जा रहा था वो अंदर। धीरे-धीरे ताल बढ़ाई, मैं सांसों में आवाज़ें भरने लगी। पैर फैलाए, गति तेज़ कर दी। "इतनी टाइट, दीदी... बहुत अच्छा लग रहा," उसने कहा, मैं बस हांफ रही थी। पीछे से किया, चूतड़ों पर तमाचे गूंजे, "क्या बंडिया है!" वो बोला। मैं चीखी, "आह... उफ... जारी रख... और गहरा..."
कुछ मिनटों तक वो मुझे हर पोज में ले रहा था। मेरी छाती कांप रही थी, ओर मैं बार-बार चरम पर पहुंच रही थी। "उफ़... राहुल... हां..." मेरी आवाज़ें कमरे में भरी रहीं। अंत में, वो मेरे अंदर ही उड़ गया, फिर हम दोनों सांस लेते हुए बिस्तर पर ढह गए। थोड़ी देर बाद उसने वीडियो संपादित किया, और किसी ऑनलाइन जगह डाल दिया। लाखों लोगों ने वो देखा, टिप्पणियों का तूफान आ गया। मेरा सपना पूरा हुआ - मशहूर होने का, मगर ऐसी कीमत पर, जिसका मैंने कभी अंदाज़ा नहीं लगाया था।
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