अमीर महिला से शारीरिक संबंध

antarvasnastory

Jan 9, 2026 - 11:49
Jan 9, 2026 - 17:45
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अमीर महिला से शारीरिक संबंध

मित्रों मै आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हु.. मेरा नाम रोहित कुमार सिंह है और में रायपुर में रहता हूँ. मेरी लम्बाई 5 है.. में रायपुर में कॉलेज का स्टूडेंट हूँ. दोस्तों में आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ.. जो कि पूरी सच्ची है. हम 4 स्टूडेंट थे और हमारे कॉलेज की छुट्टियां लगी हुई थी.. तो हमने डिसाईड किया कि हम घर नहीं जायेंगे.. हम यही रायपुर में रहेंगे और एन्जॉय करेंगे. तो दोस्तों हम रायपुर में ही रुक गये. हमें कुल 17 दिन की छुट्टी थी.. ये दिन हमे पूरी तरह से एन्जॉय करना था. अपने बूर फाड् चुदाई की स्टोरी में,गुड मार्निग मित्रों आप सब कैसे है,क्या हाल चाल मित्रों कैसे है आप सब आशा है अच्छे होंगे और चुदाई के जुगाड़ में होंगे.
क्या बताऊ दोस्तोंउसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जायेतो दोस्तों हम सब एक दिन घूमने गये और हम थोड़ा बहुत घूमने के बाद एक बीयर बार में बैठ गये और हमने बियर पी. में वैसे ज्यादा बियर नहीं पीता.. लेकिन पार्टी में पी लेता हूँ. हम सब बार में ड्रिंक करने के बाद बाहर आये.. तो हम मेन रोड़ के साईड में थे.. तो मेरे एक दोस्त की लॉटरी की शॉप दिख गई.. जो कि ऑन-लाईन गोल्डन लॉटरी थी और हम पैसे कमाने लॉटरी शॉप में चले गये. वहां टाईम कैसे निकल जाता था.. पता ही नहीं चलता था. दोस्तों क्या मलाई वाला माल लग रहा था.
एक कहानी है जिसे सुनना अजीब ढंग से ज़रूरी लगता। उसके पास एक सिनेमाघर था, इसलिए बीच-बचाव में हम वहीं टिक जाते। मौका आया जब मैं लॉटरी की दुकान के सामने खड़ा था। तभी नज़र गई एक पुलिसवाले पर, जो कार पर ताला लगा रहा था। कार नो-पार्किंग जगह पर खड़ी थी, और मैं भी ठीक उसके पास खड़ा था। अब आती है असली बात, जो धीरे-धीरे सामने आई।.
हवा में एक अजीब सी खुशबू थी। धीरे-धीरे कुछ आवाज़ें आने लगीं। एक औरत दिखी, पास खड़ा था छह साल का बच्चा। कपड़े उसके सही ढंग से नहीं बैठ रहे थे। जींस ने शरीर के हिस्सों को निकाल कर रख दिया। ऊपर की चीज़ें इतनी तनाव में थीं कि नज़र टिक गई। रंग गोरा, लग रहा था कहीं डीप ऑफ टाउन से आई हो। चाल में वो ठहराव था, जैसे हर कदम के साथ कुछ छुपा रही हो। कुछ लोगों ने देखा, फिर झट से नज़र हटा ली।.

कौन नहीं रहना चाहेगा ऐसे माहौल में दोस्तों। जैसे-जै8e ही वह कार के पास पहुँची, तभी उसकी नजर पड़ी कि गाड़ी पर ताला लगा है। अरे, ये ताला किसने लगाया? उस महिला ने मुझसे सवाल किया। मैं खुश हुआ कि उसने मुझसे ही पूछा। फिर मैंने कहा, मैडम, पुलिस आई थी, आपकी गाड़ी नो पार्किंग जगह पर खड़ी थी, इसलिए उन्होंने ताला लगा दिया। वह घबरा गई, चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। मैंने कहा, तुम शांत रहो, वहाँ एक पुलिसकर्मी है, उससे बात कर लेना। वह अपने बेटे के साथ वहीं चली गई। वाह, क्या भीड़ थी दोस्तों, बस हैरान रह गया।.
दिमाग में बस एक ही बात घूम रही थी, दोस्तों। उधर नज़र पड़ी तो धप्प से दिल डर गया - वो पुलिस की गाड़ी वहीं खड़ी थी। फटाफट मैंने मैडम को बुलाया, फिर पीछे-पीछे चल दिया। एक झटके में कहा, "ओये! वो गाड़ी… अभी तो छूटने वाली है!" मैं तेज़ी से भागा, ठीक समय पर पहुंचा, और उसे रोक लिया। अंदर बैठे पुलिसवाले से बोला: "इस पर ताला लगा है, कृपया खोल दो।" चाहे जो भी हो, लेकिन वो सामान बहुत ज़बरदस्त था। .
थकान से चूर मैं वहाँ खड़ा था। तभी एक महिला अपने बच्चे के साथ गाड़ी के पास आई। पुलिसवाले ने उसे अंदर बैठने को कहा। वो बैठ गई। फिर मुझे भी बैठने को कहा गया। जगह तंग थी, इसलिए मैं उसके पास बैठा। हमारे शरीर छू रहे थे। घटना ऐसे घटी कि उसकी जींस के किनारे से गांड ऊपर की ओर झांक रही थी। एक तरफ से साफ-साफ जी स्ट्रिंग दिख रही थी। नजारा अजीब ढंग से था। उसकी जांघों के बीच का हाल देखकर लगा, कुछ तो बात है।.

अच्छा, उसका चुंबन था तो बात ही कुछ और थी। हम वापस उस महिला की गाड़ी के पास पहुंच गए। पुलिसकर्मी ने ताला खोल दिया, फिर उन्होंने उससे दो हजार का जुर्माना मांगा। महिला ने मुझे कहा - इतना ज्यादा है, कृपया कुछ कम करवा दो। मैंने कहा, महिला दवा लेने गई थीं, उनके पति अभी बीमार हैं। झूठ बोल दिया मैंने, महिला भी सच बताने लगी। पुलिस मान गई, और छोड़ दिया उसे। वाकई, उसके पीछे मेरा मतलब, तरबूज जैसा क्या होशियारी है भाई।.Pleasure Porn Gifs and Pics - MyTeenWebcam
उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मित्रोंअब मेडम रिलेक्स तो हो गई थी.. थैंक्स आप नहीं होते तो शायद मुझे यहाँ बहुत इंतजार करना पड़ता.. अरे ईट्स ओके थैंक्स किस बात की.. ये तो मेरा फ़र्ज़ था और आपकी जगह कोई भी होता.. तो में यही करता. फिर मैंने उनसे ऐसा कहा कि वो खुश हो गई.. उसने पार्किंग एरिया में गाड़ी लगाई और वो मॉल में शॉपिंग के लिए जा रही थी. तभी उसने मुझे आवाज़ दी.. ‍‌हैल्लो.. में पलटा और देखा कि वो मेडम मुझे आवाज़ लगा रही है. में उनके पास गया और बोला हाँ मेडम अब क्या काम है? तो उसने बोला कि क्या हर बार काम ही रहेगा क्या? में कुछ समझा नहीं था कि वो क्या बोलने जा रही है. उसकी चूचियादेखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी.

थोड़ा धीमे चलने पर भी वो खुश नहीं हुई। पहले मैंने सोचा, अब तो छोड़ दूँगा इसे। फिर उसने कहा, तुम मेरे साथ दुकान चलोगे? मेरे दिल में मीठी उम्मीद जाग उठी। हाँ कह दिया मैं। उसके साथ उसका बेटा भी था। बात करना आसान नहीं था उसके लिए। उसने पूछा मेरा नाम। मैंने बताया। उसने कहा, सरिता। एक शो-रूम में हम घुसे। जींस ढूंढ रही थी वो। लंबे समय से यही चाह थी उसकी।.
दोस्तों, मेरा ख़्याल है कि अगर चुत मारनी है तो बिना कंडोम के ही करो, वरना सब फीका पड़ जाता है। इधर हम जींस ढूंढने लगे। एक दुकान का लड़का आया, पूछा कि कुछ चाहिए? महिला ने कहा, नहीं, हम खुद देख लेंगे, जींस लेने आए हैं। वो चला गया। हम फिर ट्राउज़रों को घूरने लगे। उस महिला ने कुछ जींस उठाई। बोली, रोहित कुमार सिंह, ये कैसी लग रही है? मैंने कहा, ठीक है, आप पर छवि बनेगी। जब मैंने उसके बूर की गहराई में प्रवेश किया, तो ऐसा लगा, मानो उसकी चुत में मक्खन भरा हो।.

दोस्त, उसे देखकर मन ऐसे भड़क उठा जैसे कोई भूत सवार हो गया हो। फिर मैंने पूछ लिया – तुम्हारी साइज कितनी है? बोली, 38 है। मैं बस इतना कह पाया – अच्छी साइज है… तब तो सब होगा ही। इधर-उधर से जींस लेकर निकल पड़े हम। थोड़ी आइसक्रीम खाई, कोल्ड ड्रिंक पी, और वो खुद बिल चुका गई। कभी-कभी मेरे अंदर एक तरह का बुखार सा आ जाता है, चुदाई का। और जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक शांति नहीं मिलती।.
एक बात और मित्रों चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है फिर हम पार्किंग में चले गये.. उसने मुझे थैंक्स कहा और मैंने उनसे पूछा कि मेडम क्या हम दोस्त बन सकते है? उसने मुझसे कहा ये भी कोई पूछने की बात है.. हम पहले से ही दोस्त है. हमने हमारा नम्बर एक्सचेंज किया और उसने बोला कि में आपको कॉल करूँगी. फिर उस रात को उसका मुझे कॉल आया. उसने मुझसे बोला हैल्लो.. हाँ सरिता मेडम बोलो.. उसने बोला कॉल में सिर्फ सरिता नोट मेडम. फिर मैंने कहा ओके सरिता.. उसने कहा कि मुझे शॉपिंग करनी है.. मेरे साथ चलोगे? उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दमचुदकड़ अंदाज है.
मित्रों देखने से लगता है की वो पका चोदा पेली का काम करती होगी मैंने कहा कि हाँ जरुर.. में तो तैयार हूँ आपकी सेवा में और वो हंसने लग गई और नॉटी कहकर मुझसे बोली कि ठीक है में 3 बजे दोपहर में आपको लेने आउंगी. फिर मैंने भी उनसे बोला सरिता तुम मुझे भी तो नाम से पुकार सकती हो.. तो उसने कहा कि ओके बाबा रोहित कुमार सिंह और दूसरे दिन वो अपनी होंडा सिटी कार में मुझे लेने आई.. वो उस समय अकेले ही थी. मैंने उनसे कहा आपका लड़का नहीं आया.. तो उसने कहा कि तुम्हे मेरे साथ आना है या मेरे बेटे के साथ और हम हंसने लग गये और मैंने बोला आज का क्या प्रोग्राम है.. क्या शॉपिंग करनी है? उसने बोला मुझे बिकनी लेनी है.. अच्छी और महंगी. में मन ही मन में खुश होने लगा. मित्रों चुत को चाटेने केसमय उसके बूर के बाल मुँह में आ रहे थे.

मित्रों मुझे तो कभी कभी चुत के दर्शन मात्र से खूब मजा आता क्योकि मई पहले बहुत बार अपने मौसी के लड़कीको बिना पैंटी के देखा थावाह क्या मजा आया था फिर हम एक अच्छी शॉप में गये.. सरिता उस शॉप की रेग्युलर ग्राहक थी और वो उसके दोस्त की ही थी.. जिसका नाम राधा है. हम शॉप में गये और राधा को उसने गले से लगाया और फिर सरिता ने बोला मुझे बिकनी चाहिये.. तो उसने एक रूम का ईशारा किया और सरिता वहां जाने लगी.. में बाहर ही रुका हुआ था.. तो सरिता ने कहा चलो ना रोहित कुमार सिंह क्या हुआ और में भी उसके पीछे चला गया. मैंने अंदर जाकर देखा कि उस रूम में अलग अलग डिज़ाईन वाली बिकनी लगी हुई थी और चारो तरफ कांच लगे हुये थे. हम जैसे ही अंदर गये.. तो सरिता ने दरवाजा बंद कर दिया और बोला कि अब में आराम से बिकनी चेक कर सकती हूँ.. कोई मुझे देख नहीं सकता. फिर मैंने कहाँ में तो हूँ यहाँ.. तो उसने कहा तुम तो मेरे अच्छे दोस्त हो ना. फिर उसने एक नॉर्मल बिकनी ली और उसे ट्राई करने लगी.. उसने पहले अपनी जींस पेंट उतारी.. जो हमने कल खरीदी थी. अब चुदाई करने को१००% तैयार थी.
मन कर रहा था कब इसे चोद लू मेरा लंड समझनेको तैयार नहीं था फिर उसने अपना टॉप निकाला.. में तो देखते ही परेशान हो गया था.. क्या चूचिया थे और क्या गांड थी उसकी.. क्या बताऊँ? दोस्तों मज़ा आ गया. फिर उसने एक टॉवल लिया और टॉवल लपेटकर वो चेंज करने लगी. फिर उसने कहा कि कैसी है ये बिकनी.. मैंने उससे कहा कि में पसंद करके दूँ.. तो उसने हाँ बोला. फिर मैंने उससे कहा कि पहले मुझे आपकी बॉडी का परफेक्ट शेप लेना होगा.. उसने कहा ओके. मैंने एक मेजरमेंट टेप ली और उससे बोला कि मुझे परफेक्ट साईज लेने के लिये आपकी ये बिकनी निकालनी होगी. फिर उसने थोड़ा सोचने के बाद बिकनी उतार दी.. मैंने उसको कहा कि आपका फिगर तो लाजवाब है.. उसने कहा मेनटेन करना पड़ता है. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था.. मैंने उसकी फिगर साईज़ ली और में टेप लगाते वक़्त उसके चूचिया को थोड़ा ज्यादा ही प्रेस कर रहा था. फिर मैंने उसे एक टिनी बिकनी दी और बोला कि ये ट्राई करो.. उसने वो ट्राई की. दोस्तों आपको तो पता ही है कि टिनी बिकनी कैसी होती है. अब बिना चुदाई के रह नहीं सकता था मित्रों मै पागल सा हो गया.
ओह ओह ओह है कब लंड को घुसा दू ऐसा लग रहा था मित्रों उसके सिर्फ़ चूचिया और चूत ही ढके हुये थे और उसको वो बिकनी अच्छी लगी और उसने कहा क्या पसंद है औरतो की.. कहाँ से सीखा. फिर मैंने बोला कि ये मेरा फर्स्ट टाईम था.. ओह उसने कहा. फिर तो तुम सेक्स करना भी अच्छे से जानते होंगे. अब वो फुल मूड में आ चुकी थी.. तो मैंने कहा कि कभी ट्राई नहीं किया. फिर उसने कहा कि चलो मेरे फार्महाउस पर चलते है. फिर मैंने कहा आपके घर के लोग इंतज़ार करेंगे.. ] मॉल था चुदाई के लायक चोदने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुआ भाइयो क्या गजब मजा जब माल अच्छा हो तो कौन नहींचोदना चाहेगाहै न मित्रों आया.
एक दिन हम दोस्तों के साथ शॉप से बाहर निकले। तभी वो बोली, मैं तुम्हें बाद में फोन कर दूँगी। इसके बाद हम सीधे एक फार्महाउस की ओर चल पड़े। वहाँ कोई और नहीं था। उसने दरवाजा खोला, हम अंदर घुस गए। उसने पूछा, कुछ पीओगे? मैंने कहा, पानी... लेकिन चूत का। वो हल्के से हँसी और बोली, आओ यार, ऐसे नहीं। फिर वो रसोई की तरफ बढ़ गई, पानी लेने। घूँट भरने के बाद उसने कहा, अब मेरा तरल पीना चाहोगे? मैंने कहा, हाँ। तो उसने सब कपड़े उतार दिए। बोली, यहीं है, पी लो। उसके होंठ नम थे। वो मौका अजीब था।.
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वो लिप्स चूसे जारी रखे। मैंने उसे करीब खींचा, कहा - आज तुझे सेक्स के बारे में बताऊं? उसका जवाब था, "जो करना है कर, मुझे रांड बना दे।" मैंने किस शुरू किया। पंद्रह मिनट तक मुँह छाते रहे। वो उत्तेजित हो चुकी थी। फिर उसने मेरे कपड़े उतारे। मेरा लंड देखकर बोली, "इसकी डंठल स्टील रोड जैसी तन गई है, जान। जब ये तेरी चूत में घुसेगा… तभी पता चलेगा।" उसके बूब्स कितने अच्छे थे। क्या कहूँ मैं अब?
मन में उठापटक करने की तमन्ना थी। धीरे से उसकी जांघों के बीच घुस गया। दो-तीन टक्करों में पूरा आधार अंदर समा गया। वह चीख उठी - इसे बाहर निकालो, बहुत तकलीफ हो रही है। मैंने कहा, तूने खुद बदमाशी ढूंढी है न? अब भोग। फिर मैं तेजी से आगे-पीछे होने लगा। वह फिर चीखी। करीब बीस मिनट बाद मैं खत्म हो गया। वह पहले ही दो बार खत्म हो चुकी थी। मैंने ठान लिया - जब तक चोद न पूरा हो, तब तक छोड़ूंगा नहीं।.
पेलुँगा तो था ही। मैंने अपना सामान उसकी चूत में ठूस दिया, इसके बाद आठ तरह के ढंग से घटिया अंदाज में चोदा। बाद में पूल के पास पहुँचे। पानी में खड़े-खड़े उसकी गांड फाड़ दी। पहले वो ना करती रही। धीरे-धीरे मना लिया मैंने। जैसे ही लंड अंदर घुसा, चीख उठी - आआहह्ह्ह्ह - और साथ देने लगी। बोलती रही, ऊंची आवाज में, और भी ऊंची। मैंने तेजी से छेड़ना शुरू कर दिया। पानी बाहर आने ही वाला था। पूरा लंड उसकी चूत में दबोच लिया। चुदाई के लिए बेचैन था मैं।.
सिर्फ चुदाई के ख्याल घेरे हुए थे। उसने कहा, इतना अच्छा सेक्स मैंने कभी नहीं किया। शुक्रिया रोहित कुमार सिंह... तुम बहुत अच्छे लड़के हो। बाद में पूल से बाहर निकले, फिर अंदर के हॉल में चले गए। कपड़े नहीं पहने थे, नंगे ही थे दोनों। उसने कहा, वैसे ही रहो। फिर सोफे पर मेरे पास बैठ गई, मेरे लंड से बात कर रही थी - छोटे रोहित कुमार सिंह, मुझे छोड़कर कहीं न जाना, मेरे पास ही रहना। मैं उसके चूचियों पर हाथ फेर रहा था। नींद कब आ गई, एहसास ही नहीं हुआ। बूर की खुशबू मुझे पागल कर रही थी, जो मेरी सांसों में घुल रही थी।.
दिनभर सिर्फ उसी बात का ध्यान रहता, कुछ और नहीं। सुबह जब आँख खुली, तो सरिता ने कहा, अब चलना पड़ेगा, घरवाले इंतजार में होंगे। फिर मुझे घर के पास छोड़ दिया, 5000 रुपए दिए, बोली, अगले रविवार तैयार रहना। वो चली गई। उसकी आँखों में वो उमंग थी। मैंने अनगिनत औरतों को ऐसे चोदा, पेट तक भर दिया। कितनी की चुत का भोसड़ा बना दिया, कितनी का सील तोड़कर खून निकाला, कितनी को कुंवारी में ही माँ बना दिया। चोदने के लिए मैं कहीं भी पहुँच जाऊँगा, किसी भी हद तक। .

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